गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी, चेतावनी बिंदु से 2.07 मीटर नीचे गंगा, तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी, घाटों पर बढ़ी निगरानी 

गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट स्थित माप केंद्र के अनुसार मंगलवार को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 68.19 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पानी बढ़ने के साथ ही घाटों पर मौजूद नाविकों और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से दो और खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है।
 

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट स्थित माप केंद्र के अनुसार मंगलवार को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 68.19 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पानी बढ़ने के साथ ही घाटों पर मौजूद नाविकों और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से दो और खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे दर्ज 68.19 मीटर जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 2.07 मीटर नीचे रहा। इसके बावजूद तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही बढ़ोतरी के कारण प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।

जलस्तर बढ़ने का असर घाटों की सीढ़ियों पर भी दिखाई देने लगा है। पानी धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इससे स्नान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नाविक भी गंगा की धारा और जलस्तर में हो रहे बदलाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गंगा का पानी बढ़ने के साथ घाटों पर जमा सिल्ट और कीचड़ से भी लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। हालिया बाढ़ के बाद कई घाटों पर गाद और मिट्टी जमा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ने पर सफाई और सिल्ट हटाने का काम प्रभावित होने की संभावना है।

बीते दिनों जलस्तर में लगातार गिरावट के बाद अब फिर बढ़ोतरी का रुख सामने आया है। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए घाटों और निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा को देखते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।