कल्लीपुर में VDA की ‘आनंद काशी’ परियोजना, उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, दिसंबर तक बुनियादी ढांचा तैयार करने का लक्ष्य
वाराणसी। विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी ‘आनंद काशी योजना’ के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्थलीय निरीक्षण किया। कल्लीपुर स्थित परियोजना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान परियोजना की विभिन्न अवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना वाराणसी के नियोजित और सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य आधुनिक तकनीकों और मानकों के अनुरूप किए जाएं, ताकि भविष्य में नागरिकों को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
वीडीए के अनुसार आनंद काशी योजना लगभग 30 वर्षों के बाद विकसित की जा रही प्राधिकरण की पहली समेकित गेटेड सिटी परियोजना है। इस परियोजना की परिकल्पना काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और वैदिक विरासत को ध्यान में रखकर की गई है। पूरे नगर को सुरक्षित बनाने के लिए चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी तथा नियंत्रित प्रवेश एवं निकास प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे सुरक्षा और सुव्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
परियोजना के तहत आधुनिक शहरी सुविधाओं का व्यापक विकास किया जा रहा है। इसमें 24 मीटर, 18 मीटर, 12 मीटर और 9 मीटर चौड़ी सड़कों का सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा। साथ ही जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, वर्षा जल निकासी, हरित क्षेत्र और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण का कार्य विभिन्न चरणों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
योजना को वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। कुल क्षेत्रफल का न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल लगभग 9 हेक्टेयर होगा। पहले चरण में करीब 150 एकड़ भूमि पर विकास कार्य प्रस्तावित है, जहां 2,000 से अधिक आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। विभिन्न आय वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 128 वर्गमीटर से लेकर 300 वर्गमीटर तक के विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा 24 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के दोनों ओर वाणिज्यिक भूखंड विकसित किए जाएंगे, जो भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं। परियोजना में समूह आवास (ग्रुप हाउसिंग), होटल, अस्पताल, विद्यालय तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भी अलग-अलग भूखंड चिन्हित किए गए हैं। इससे यह योजना एक आत्मनिर्भर और समग्र नगर के रूप में विकसित होगी, जहां लोगों को दैनिक जीवन की अधिकांश सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी।
वीडीए अधिकारियों ने बताया कि योजना के लिए अधिकांश भूमि का अधिग्रहण भूमि पूलिंग और प्रत्यक्ष क्रय के माध्यम से पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में परियोजना के रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य अगस्त 2026 से भूखंडों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का है, जबकि दिसंबर 2026 तक प्रमुख आधारभूत अवसंरचना संबंधी कार्यों को पूरा करने की योजना बनाई गई है।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि वाराणसी विकास प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसा आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल नगर विकसित करना है, जहां पारंपरिक काशी की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक शहरी सुविधाओं का संतुलित समावेश हो। उन्होंने कहा कि आनंद काशी योजना भविष्य में वाराणसी के लिए एक आदर्श, आत्मनिर्भर और विश्वस्तरीय आवासीय मॉडल के रूप में स्थापित होगी। निरीक्षण के दौरान अपर सचिव गुडाकेश शर्मा, अभियंत्रण दल, अवाप्ति दल के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी भी उपस्थित रहे।