वीडीए ने रिश्वत मांगने वाले आउटसोर्सिंग राजस्व निरीक्षक की सेवाएं की समाप्त, शिकायत के बाद लिया एक्शन 

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वत मांगने के आरोप में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत एक राजस्व निरीक्षक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई जनता दर्शन के दौरान एक शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत ऑडियो साक्ष्य के आधार पर की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा धन की अवैध मांग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
 

वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वत मांगने के आरोप में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत एक राजस्व निरीक्षक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई जनता दर्शन के दौरान एक शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत ऑडियो साक्ष्य के आधार पर की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा धन की अवैध मांग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोमवार को आयोजित जनता दर्शन के दौरान मानचित्र प्रकरण से जुड़े एक आवेदक ने वीडीए उपाध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्राधिकरण के अवाप्ति एवं सीलिंग अनुभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत राजस्व निरीक्षक राम जनम सिंह यादव ने संबंधित प्रकरण में अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने अपने आरोप के समर्थन में संबंधित कर्मचारी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपाध्यक्ष को उपलब्ध कराई। साथ ही यह भी बताया कि रिश्वत की रकम लेने के लिए उसे प्राधिकरण परिसर स्थित टू-व्हीलर पार्किंग में बुलाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपाध्यक्ष ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों का तत्काल परीक्षण कराया। प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होने पर उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप त्वरित निर्णय लेते हुए राजस्व निरीक्षक राम जनम सिंह यादव की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने बताया कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत अवाप्ति एवं सीलिंग अनुभाग संबंधित भूखंड के संबंध में यह अनापत्ति जारी करता है कि वह भूमि प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित या नगर भूमि (सीमा एवं विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत सरप्लस घोषित भूमि की श्रेणी में नहीं आती है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है।

उपाध्यक्ष ने कहा कि वीडीए में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा आउटसोर्सिंग कार्मिक द्वारा अनियमितता, रिश्वत की मांग या किसी प्रकार के भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या आउटसोर्सिंग कर्मी द्वारा किसी कार्य के बदले धनराशि या अन्य अनुचित लाभ की मांग की जाती है तो उसकी सूचना तत्काल प्राधिकरण को दें। यदि शिकायत के समर्थन में ऑडियो, वीडियो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हों तो उन्हें भी साझा करें, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।