बकायेदारों पर VDA सख्त, 10 लाख से अधिक बकाया होने पर दो दुकानें सील, कार्रवाई से मचा हड़कंप 

विकास प्राधिकरण ने बकाया किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्र द्वारा संपत्ति अनुभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में तुलसी मानस मंदिर योजना के अंतर्गत दो दुकानों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अन्य बकायेदारों में भी खलबली है।
 

वाराणसी। विकास प्राधिकरण ने बकाया किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्र द्वारा संपत्ति अनुभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में तुलसी मानस मंदिर योजना के अंतर्गत दो दुकानों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अन्य बकायेदारों में भी खलबली है।

वीडीए अधिकारियों के अनुसार तुलसी मानस मंदिर योजना में स्थित दुकान संख्या-04 प्रिया नाथ सिंह के नाम किराये पर आवंटित है। आवंटी द्वारा बीते कई वर्षों से किराया जमा नहीं किया गया, जिसके चलते फरवरी 2026 तक कुल 9,99,036 रुपये (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) की भारी बकाया राशि हो गई। इसी प्रकार दुकान संख्या-03 देवकी नंदन हवेली परिसर में स्थित दुकान पीके अग्रवाल के नाम आवंटित है, जिस पर फरवरी 2026 तक 26,597.38 रुपये (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) बकाया पाया गया।

प्राधिकरण ने दोनों आवंटियों को बकाया किराया और विक्रय मूल्य जमा कराने के लिए 9 अप्रैल 2024, 15 जुलाई 2024, 3 सितंबर 2024, 25 अप्रैल 2025 सहित कई बार नोटिस भेजे। इसके अलावा 17 जुलाई 2025 को अंतिम नोटिस भी जारी किया गया था। बावजूद इसके न तो बकाया धनराशि जमा की गई और न ही आवंटियों ने प्राधिकरण में उपस्थित होकर कोई स्पष्टीकरण दिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित दुकानों को तत्काल सील कराया जाए। निर्देश मिलते ही संपत्ति अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी, पटल सहायक प्रवेश यादव, अजय श्रीवास्तव और अतुल कुमार सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान संख्या-04 तुलसी मानस मंदिर और दुकान संख्या-03 देवकी नंदन हवेली को सील कर दिया।

वीडीए ने आवंटियों को बकाया किराया और विक्रय मूल्य जमा करने के लिए 15 दिनों का अंतिम अवसर दिया है। यदि तय अवधि में भी भुगतान नहीं किया गया तो दुकान का आवंटन निरस्त कर ई-ऑक्शन के माध्यम से विक्रय या नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया कि लंबे समय से बकाया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। प्राधिकरण ने ऐसी 8 से 10 अन्य दुकानों को भी चिन्हित किया है, जिन्हें इस सप्ताह के भीतर सील करने की कार्रवाई की जाएगी। वीडीए की इस सख्ती को राजस्व वसूली की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।