वरूणा रिवरफ्रंट परियोजना को मिलेगी गति, वाराणसी विकास प्राधिकरण और ONGC के बीच 260.61 करोड़ का हुआ समझौता
वाराणसी। काशी के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक नगरीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोमवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच ₹260.61 करोड़ की वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना वरुणा नदी के पुनर्जीवन और उसके तटों के सुनियोजित विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री के विकसित भारत और काशी के समग्र विकास के संकल्प के अनुरूप है। साथ ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे आधारभूत संरचना एवं नगरीय विकास कार्यों को भी नई गति प्रदान करेगी। एमओयू पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा ओएनजीसी के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। परियोजना को आकार देने में मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष के मार्गदर्शन और प्रयासों की अहम भूमिका रही।
परियोजना के लिए ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत वरुणा नदी के तटों को पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध, नागरिक सुविधाओं से युक्त और आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत नदी किनारे हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पैदल पथ, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे न केवल नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पारिस्थितिकीय संतुलन और सतत शहरी विकास के लक्ष्य भी मजबूत होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक की सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। परियोजना के पूर्ण होने पर वरुणा नदी तट स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक आकर्षक एवं सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। वीडीए का मानना है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना काशी को स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी तथा नदी संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का नया अध्याय लिखेगी।