वाराणसी के प्रथम पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश को मिली बड़ी जिम्मेदारी, अब संभालेंगे यूपी पुलिस के अपराध नियंत्रण का अहम मोर्चा
वाराणसी। काशी में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था की मजबूत नींव रखने वाले आईपीएस अधिकारी ए सतीश गणेश को योगी सरकार ने एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शासन द्वारा जारी तबादला सूची में उनका नाम प्रमुखता से शामिल है। अब उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अपर पुलिस महानिदेशक अपराध (एडीजी क्राइम) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अप्रैल 2021 में जब वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू हुई थी, तब ए सतीश गणेश को शहर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। उस समय काशी में नई व्यवस्था को लागू करना प्रशासनिक रूप से बड़ी चुनौती माना जा रहा था, लेकिन सतीश गणेश ने अपने शांत, सख्त और रणनीतिक कार्यशैली से कमिश्नरेट सिस्टम को जमीन पर मजबूती से स्थापित किया।
उनके कार्यकाल में वाराणसी में अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और संगठित अपराध के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए गए। शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पुलिसिंग में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल और संवेदनशील इलाकों में तेज निगरानी व्यवस्था उनकी कार्यशैली की पहचान बनी। यही वजह रही कि कमिश्नरेट व्यवस्था के शुरुआती दौर में ही वाराणसी की कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक बदलाव महसूस किया गया।
काशी के लोगों के बीच ए सतीश गणेश की छवि एक ऐसे अधिकारी की रही, जो मैदान में उतरकर काम करने में विश्वास रखते थे। त्योहारों, वीवीआईपी दौरों और संवेदनशील मौकों पर उनकी सक्रिय मॉनिटरिंग अक्सर चर्चा में रहती थी। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी उन्होंने कई पहल की थीं।
अब प्रदेश स्तर पर अपराध नियंत्रण जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिलने को वाराणसी के लोग उनके कार्य और अनुभव की बड़ी पहचान मान रहे हैं। पुलिस महकमे में भी इस नई तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा दोनों ही प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
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