1,004 आवासीय प्लॉट के साथ आकार ले रही वाराणसी की पहली गेटेड सिटी ‘आनंद काशी’, ग्रुप हाउसिंग और व्यावसायिक भूखंड की भी सुविधा, 24 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी
वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की पहली समेकित गेटेड सिटी ‘आनंद काशी आवासीय योजना (फेज-1)’ कल्लीपुर क्षेत्र में आकार ले रही है। करीब 4.56 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आधुनिक नगरीय सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण और काशी की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए आवासीय विकास की योजना तैयार की गई है।
योजना के प्रथम चरण में कुल 1,004 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, एक शैक्षणिक भूखंड, एक हेल्थकेयर भूखंड, एक कम्युनिटी सेंटर और दो यूटिलिटी भूखंड प्रस्तावित हैं। योजना में 18 हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। आवासीय प्लॉट 72, 162, 200 और 288 वर्ग मीटर की चार श्रेणियों में होंगे।
आवागमन को सुगम बनाने के लिए टाउनशिप में 24, 18, 12 और नौ मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत व्यवस्था, वर्षा जल निकासी समेत अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं का विकास विभिन्न चरणों में चल रहा है।
योजना का प्रमुख आकर्षण करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला केंद्रीय पार्क होगा। पार्क में नटराज की प्रतिमा और जल फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा के अलावा ओपन लॉन, एम्फीथिएटर, बच्चों के लिए प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, वरिष्ठ नागरिक जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक और पैदल पथ जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। पार्क के आसपास पैदल-अनुकूल मार्केट प्लाजा और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। टाउनशिप में चार प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार भी प्रस्तावित हैं।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बाउंड्री के समीप करीब 3.71 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित किया जाएगा। योजना के कम से कम 15 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार, करीब 30 वर्षों बाद प्राधिकरण की यह पहली समेकित गेटेड सिटी परियोजना है। इसे आधुनिक सुविधाओं, सुव्यवस्थित अवसंरचना और हरित परिवेश के साथ काशी की सांस्कृतिक एवं वैदिक विरासत से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। योजना का रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में है और माह के अंत तक पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।