बनारस की आबोहवा हुई खराब, AQI 156 अंक पर पहुंचा, भेलूपुर सबसे प्रदूषित
वाराणसी। बनारस में वायु गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुधरने की बजाय खराब श्रेणी में बना हुआ है। शनिवार को वाराणसी का औसत AQI 156 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की हवा में सांस लेना शरीर पर वैसा ही असर डाल सकता है, जैसे एक दिन में कई सिगरेट पीने से होता है।
शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के अनुसार भेलूपुर क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित पाई गई। यहां धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और लगातार चल रहे निर्माण कार्य प्रदूषण के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। भेलूपुर में AQI का स्तर अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बना हुआ है, जो स्थानीय लोगों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहा है। 22 मार्च को AQI 131 दर्ज किया गया, जो सप्ताह का सबसे कम स्तर था, जबकि 27 मार्च को यह बढ़कर 186 तक पहुंच गया, जो सबसे अधिक रहा। वर्तमान में 156 का स्तर यह दर्शाता है कि स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हो रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार शहर में तेजी से बढ़ते वाहनों की संख्या, सड़कों पर उड़ती धूल, निर्माण स्थलों की लापरवाही और कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियां प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, सड़कों की नियमित सफाई और पानी के छिड़काव की कमी भी स्थिति को और बिगाड़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार 150 से ऊपर AQI रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे सांस संबंधी बीमारियों, फेफड़ों के संक्रमण, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई जरूरी उपाय सुझाए हैं, जिनमें सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और कूड़ा जलाने पर सख्त रोक शामिल है। साथ ही शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने की भी जरूरत बताई गई है। कुल मिलाकर, वाराणसी की बिगड़ती हवा प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।