आईजीआरएस में यूपी में टॉप पर वाराणसी जोन की पुलिस, शिकायतों के निस्तारण और अपराध नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन, आईजी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
वाराणसी। अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा ने वाराणसी जोन के मिर्जापुर, आजमगढ़ रेंज की समीक्षा बैठक की। बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण, आईजीआरएस प्रकरणों, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आईजीआरएस के मामलों में वाराणसी जोन की पुलिस को प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
एडीजी नवीन अरोरा ने अवैध शराब, मादक पदार्थों, पशु तस्करी और साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोन स्तर पर अपराध नियंत्रण के लिए गठित समितियों को सक्रिय करते हुए नियमित रूप से कार्रवाई की समीक्षा करने को कहा। साथ ही अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अपराधियों पर कार्रवाई के लिए बनेगी कार्ययोजना
एडीजी ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जिलों में अभियान चलाने, सक्रिय अपराधियों की निगरानी करने और उनके नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार और प्रभावी होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि पुलिस अपराध को नियंत्रित करने के लिए चार-स्तरीय अभियान चला रही है। प्रदेश स्तर पर 60/90 दिन का विशेष अभियान निर्धारित मानकों के अनुसार चलाया जा रहा है। जोन स्तर पर आईजीआरएस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर
जनपदीय स्तर पर गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ और सोनभद्र में एनडीपीएस से संबंधित वांछित एवं पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया गया। एडीजी ने स्पष्ट किया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2026 से जनपद स्तर पर पांच हजार रुपये और उससे अधिक के इनामी अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी को महीने में कम से कम एक बार अभियान में शामिल होने के निर्देश दिए।
ई-साक्ष्य प्रणाली की समीक्षा
बैठक में ई-साक्ष्य प्रणाली के प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विवेचनाओं में तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि मामलों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। बैठक के दौरान एडीजी ने पुलिस अधिकारियों को जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।