वाराणसी : खुद को सेना का अधिकारी बताकर महिला को सात साल तक धोखे में रखा, किया शारीरिक शोषण, दिल्ली से धराया आरोपी 

कोतवाली थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने और धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए महिला के संपर्क में आया था और फर्जी पहचान बनाकर करीब सात वर्षों तक उसे धोखे में रखता रहा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपी का पता लगाकर उसे वाराणसी लाया, जहां उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
 

वाराणसी। कोतवाली थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने और धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए महिला के संपर्क में आया था और फर्जी पहचान बनाकर करीब सात वर्षों तक उसे धोखे में रखता रहा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपी का पता लगाकर उसे वाराणसी लाया, जहां उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवभूषण शुक्ला निवासी ग्राम बिशुनपुर रामपुर, थाना मड़ियाहूं, जनपद जौनपुर के रूप में हुई है। वर्तमान में वह नई दिल्ली के विराज पार्क स्थित विग्रह विहार इलाके में रह रहा था। उसे 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के हनुमान मंदिर पार्क क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी दिल्ली में टैक्सी चालक के रूप में कार्य करता था। उसने सोशल मीडिया के माध्यम से वाराणसी निवासी पीड़िता से संपर्क स्थापित किया और अपना नाम "रोहित राणा" बताते हुए खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताया। इसके बाद उसने अलग-अलग नामों और काल्पनिक कहानियों के जरिए महिला का विश्वास जीत लिया।

आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, उसने विभिन्न जरूरतों और बहानों का हवाला देकर पीड़िता से कई बार आर्थिक मदद भी ली। लंबे समय तक झूठे आश्वासनों के सहारे संबंध बनाए रखने के बाद जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया, तब आरोपी की वास्तविक पहचान सामने आ गई। इसके बाद पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी काशी जोन के निर्देशन तथा एसीपी कोतवाली के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने सर्विलांस, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद नई दिल्ली में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में उपनिरीक्षक अजीत मौर्य, अभिषेक चंद्रा, अखिलेश कुमार, नीरज मौर्य तथा कांस्टेबल अवनीश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।