वाराणसी : शादी का वादा कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप, युवती ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार 

मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के छतेरी मानापुर गांव निवासी एक युवक पर भदोही की युवती ने शादी का झांसा देकर करीब चार-पांच वर्ष तक साथ रहने, उसकी कमाई लेने और दो बार गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि अब शादी के लिए युवक और उसके परिजन उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच, आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के छतेरी मानापुर गांव निवासी एक युवक पर भदोही की युवती ने शादी का झांसा देकर करीब चार-पांच वर्ष तक साथ रहने, उसकी कमाई लेने और दो बार गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि अब शादी के लिए युवक और उसके परिजन उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच, आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।

औराई क्षेत्र निवासी युवती के मुताबिक वह शादी-विवाह समारोहों में डांस का काम करती है। इसी दौरान कछवा चौराहा स्थित आर्केस्ट्रा संचालक के संपर्क में आने के बाद उसने वहां काम शुरू किया। आरोप है कि इसी दौरान उसकी मुलाकात आर्केस्ट्रा संचालक के छोटे भाई से हुई। युवती का कहना है कि उससे शादी करने का भरोसा दिया, जिसके बाद दोनों करीब चार-पांच वर्षों तक साथ रहे।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आर्केस्ट्रा में काम करने से होने वाली उसकी कमाई संचालक का भाई अपने पास रख लेता था। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। युवती का आरोप है कि दोनों बार उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया। उसने गुलजार पर शराब के नशे में मारपीट करने और शादी की बात को लगातार टालते रहने का भी आरोप लगाया है।

युवती के अनुसार जब उसने युवक के परिजनों के सामने शादी की बात रखी तो सभी ने कथित तौर पर शादी से पहले धर्म परिवर्तन करने की शर्त रखी। पीड़िता का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।

पीड़िता ने बताया कि उसने 22 जुलाई को पुलिस आयुक्त कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि शिकायत के बाद उस पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया गया और धमकी दी गई। युवती का कहना है कि वह करीब एक महीने से मिर्जामुराद थाने के चक्कर लगा रही है और न्याय की मांग कर रही है।