Varanasi Weather: आग बरसाने लगा आसमान, वाराणसी में 43 डिग्री पहुंचा तापमान, लू का अलर्ट
- घाटों पर पसरा सन्नाटा, दोपहर में घरों में कैद हुए लोग
- दोपहर में सड़कें खाली, लू और तपिश ने किया बेहाल
- मौसम विभाग की चेतावनी, फिलहाल गर्मी से राहत के आसार नहीं
वाराणसी। अप्रैल के महीने में ही तपिश ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और काशी इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। वाराणसी का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री अधिक रहा। तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही सूरज आग उगलने लगता है और दोपहर तक स्थिति और भयावह हो जाती है। प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में वाराणसी चौथे स्थान पर दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने वाराणसी सहित आसपास के जिलों के लिए 19 और 20 अप्रैल को लू चलने का अलर्ट जारी किया था। रविवार को लू का असर रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत के कोई आसार नहीं हैं और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
घाटों की रौनक पर गर्मी का असर
आम दिनों में 24 घंटे चहल-पहल से भरे रहने वाले वाराणसी के घाट भीषण गर्मी के कारण सूने नजर आ रहे हैं। खासकर दोपहर के समय घाटों पर सन्नाटा पसर जाता है। जहां आमतौर पर श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में नजर आते हैं, वहीं अब लोग धूप से बचने के लिए घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं, वे गमछा, टोपी, छाता और स्कार्फ का सहारा लेते दिख रहे हैं। धूप इतनी तेज है कि कुछ ही देर में त्वचा पर जलन और थकावट महसूस होने लगती है।
सुबह से ही चढ़ने लगता है पारा
रविवार को भी गर्मी के तेवर कम नहीं हुए। सुबह करीब 10:30 बजे ही तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, तापमान में लगातार वृद्धि होती रही। दोपहर के समय बाहर निकलने वालों को ऐसा महसूस हो रहा था मानो गर्म हवा की लपटें चल रही हों। रात का तापमान भी सामान्य से अधिक 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पाई।
स्कूल से लौटते बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी परेशानी
शनिवार को स्कूलों की छुट्टी के समय भीषण गर्मी ने बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशान किया। तपती धूप में बच्चे पसीने से तर-बतर नजर आए। कई अभिभावक छाता लेकर बच्चों को लेने पहुंचे, ताकि उन्हें तेज धूप से बचाया जा सके। रविवार को भले ही स्कूल बंद रहे, लेकिन बाजारों और सड़कों पर वही स्थिति देखने को मिली। लोग धूप से बचने के लिए छांव की तलाश करते नजर आए। कई लोग हेलमेट, ग्लव्स और कपड़ों से खुद को पूरी तरह ढककर निकलते दिखे।
अगले दो दिन लू का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भू-भौतिकी विभाग के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, अगले दो दिनों तक वाराणसी में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
लू से बचाव के उपाय: रखें खास ध्यान
पानी और तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं
प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार हैं। आम पन्ना भी लू से बचाव में कारगर माना जाता है।
दोपहर में बाहर निकलने से बचें
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप सबसे अधिक खतरनाक होती है। इस दौरान घर में रहना ही सुरक्षित है। बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर और चेहरे को ढककर निकलें।
खान-पान में करें बदलाव
गर्मी के दिनों में हल्का और सुपाच्य भोजन करें। खीरा, ककड़ी, तरबूज और प्याज जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें। तली-भुनी चीजों और अधिक चाय-कॉफी से परहेज करें।
सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
वाराणसी में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही दिनचर्या, पर्याप्त पानी और सावधानी से ही इस भीषण गर्मी के असर को कम किया जा सकता है। फिलहाल मौसम के तेवर को देखते हुए काशीवासियों को कुछ दिनों तक और तपिश झेलने के लिए तैयार रहना होगा।