Varanasi Weather:  फिर धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, बढ़ने लगी उमस और गर्मी, तीन दिन बाद झमाझम बारिश के आसार 

जुलाई का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन काशी में मानसून अभी तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से शहर एक बार फिर तेज धूप, गर्मी और उमस की चपेट में है। दिन के समय चिलचिलाती धूप और हवा में बढ़ी नमी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि इसके बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने और अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।
 

वाराणसी। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन काशी में मानसून अभी तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से शहर एक बार फिर तेज धूप, गर्मी और उमस की चपेट में है। दिन के समय चिलचिलाती धूप और हवा में बढ़ी नमी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि इसके बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने और अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। इसका सीधा असर वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। दिनभर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी।

मौसम में बदलाव का असर वातावरण की नमी पर भी दिखाई दिया है। पुरवा हवा में मौजूद नमी एक दिन पहले के 95 प्रतिशत से घटकर करीब 80 प्रतिशत रह गई है। इसके साथ ही हवा की दिशा में भी बदलाव हुआ है, जिससे फिलहाल बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां कमजोर पड़ गई हैं। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी (मानसून ट्रफ) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है। यही वजह है कि वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां धीमी हो गई हैं। 

उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन जैसे ही मानसूनी द्रोणी दोबारा उत्तर की ओर सक्रिय होगी, वर्षा की गतिविधियां भी तेज हो जाएंगी। बारिश के आंकड़े भी मानसून की सुस्ती को दर्शा रहे हैं। पिछले दो दिनों में करीब 60 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, लेकिन मानसून की औपचारिक दस्तक के बाद अब तक केवल 5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो सामान्य से काफी कम है। इसका असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है।

धान की रोपाई का समय होने के कारण किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि शहर में बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तीन दिन बाद मानसून दोबारा गति पकड़ सकता है और वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में अच्छी बारिश होने की संभावना है।