Varanasi Weather: भीषण गर्मी से सूने पड़े गंगा घाट, दोपहर में नाव संचालन बंद करने को मजबूर नाविक
वाराणसी। काशी में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस का असर अब गंगा घाटों की रौनक पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय घाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। हालात ऐसे हो गए हैं कि नाविक समाज के लोग दोपहर में नाव संचालन बंद करने को मजबूर हो गए हैं। गर्मी के कारण न केवल पर्यटकों की संख्या में कमी आई है, बल्कि नाविकों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है।
अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट सहित शहर के अन्य प्रमुख घाटों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिल रही है। जहां सुबह और शाम के समय घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चहल-पहल रहती है, वहीं दोपहर में घाट लगभग सुनसान नजर आ रहे हैं। अधिकतर नावें घाट किनारे बंधी दिखाई दे रही हैं।
नाविकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से मौसम के बदले मिजाज के कारण पहले ही कामकाज प्रभावित था। अब तेज धूप और लू जैसे हालात ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। दोपहर में न तो पर्यटक गंगा विहार के लिए पहुंच रहे हैं और न ही स्थानीय लोग घाटों पर अधिक समय बिताना चाह रहे हैं। इसका सीधा असर नाव संचालन पर पड़ रहा है।
नाविक समाज के लोगों ने बताया कि तेज धूप में नाव चलाना बेहद कठिन हो जाता है। गर्म हवाओं और उमस के कारण उन्हें सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहर के समय नाव संचालन पूरी तरह बंद रखना पड़ रहा है।
नाविकों के अनुसार शाम ढलने के बाद मौसम थोड़ा सामान्य होता है, तब पर्यटक गंगा आरती देखने और नाव विहार के लिए घाटों पर पहुंचते हैं। इसी समय उन्हें कुछ आमदनी हो पाती है। नाविकों का कहना है कि भीषण गर्मी का सीधा असर उनके रोजगार पर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में घाटों की रौनक और नाविकों की मुश्किलें दोनों बढ़ती नजर आ रही हैं।