Varanasi Weather: अर्णब तूफान से वाराणसी में लगातार बारिश, आठ डिग्री लुढ़का पारा, फसलों को नुकसान 

चक्रवाती तूफान अर्णब के असर से काशी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन ठंड का एहसास भी करा दिया है। गुरुवार भोर करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। बुधवार को 32.8 डिग्री रहा अधिकतम तापमान गुरुवार को गिरकर 24.5 डिग्री पर पहुंच गया। सामान्य से 7.2 डिग्री कम तापमान के साथ वाराणसी प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल रहा।
 

24 घंटे से रुक-रुककर बरसात ने बढ़ाई ठंड, 24.5 डिग्री तापमान के साथ वाराणसी प्रदेश में सबसे ठंडा जिला, जनजीवन अस्त-व्यस्त

25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, स्कूली बच्चों से लेकर कार्यालय जाने वालों तक की बढ़ी मुश्किलें, खेतों में खड़ी और कटी धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा

वाराणसी। चक्रवाती तूफान अर्णब के असर से काशी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन ठंड का एहसास भी करा दिया है। गुरुवार भोर करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। बुधवार को 32.8 डिग्री रहा अधिकतम तापमान गुरुवार को गिरकर 24.5 डिग्री पर पहुंच गया। सामान्य से 7.2 डिग्री कम तापमान के साथ वाराणसी प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल रहा।

लगातार बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन प्रभावित है। शुक्रवार सुबह भी आसमान में घने बादल छाए रहे। कार्यालय जाने वाले लोग छाता और बरसाती लेकर घरों से निकले। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई जगह सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण फिसलन की स्थिति बनी रही। घाटों पर भी फिसलन बढ़ने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान हवा की रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रही। दिन और रात के तापमान में महज तीन डिग्री का अंतर दर्ज किया गया। अक्टूबर में अब तक करीब 30.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंच रहे बच्चे
बेमौसम बारिश का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा है। विद्यालयों में छुट्टी नहीं होने के कारण छोटे बच्चे छाता और बरसाती लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद तेज बारिश में कई बच्चे रास्ते में भीग जा रहे हैं। स्कूल आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, कार्यालय जाने वाले लोगों और मरीजों व उनके तीमारदारों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

धान की फसल पर बारिश बनी आफत
चक्रवाती तूफान का असर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। रोहनिया, राजातालाब, चोलापुर, बाबतपुर, चिरईगांव समेत आसपास के इलाकों में खेतों में खड़ी और पक चुकी धान की फसल बारिश से भीग गई है। कई स्थानों पर तेज हवा और बारिश के चलते फसल खेतों में गिर गई। जिले में करीब 20 प्रतिशत धान की फसल अभी कटाई के इंतजार में है। वहीं, जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में छोड़ रखी है, उनकी उपज भी बारिश में भीग रही है। इससे धान के दाने खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश जारी रही तो कटाई में देरी के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

कमजोर पड़ सकता है तूफान का असर
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से चक्रवाती तूफान अर्णब का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद मौसम सामान्य होने की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। फिलहाल आसमान में बादलों का डेरा होने और रुक-रुककर बारिश जारी रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।