वाराणसी : शताब्दी भवन के नवीनीकरण का कुलपति ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और प्रगति देखी, दिए आवश्यक निर्देश 

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कुलपति प्रोफेसर बिहारीलाल शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शताब्दी भवन अतिथि गृह का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।
 

वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कुलपति प्रोफेसर बिहारीलाल शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शताब्दी भवन अतिथि गृह का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।

कुलपति ने भूतल एवं प्रथम तल पर बने कक्षों, सभागार और मिनी हाल का अवलोकन किया। साथ ही भवन की आंतरिक साज-सज्जा, फॉल सीलिंग, वातानुकूलन (एसी) व्यवस्था और बैठक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीनीकरण कार्यों में आधुनिक तकनीक और सुविधाओं का समावेश तो हो ही, साथ ही विश्वविद्यालय की पारंपरिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान भी बरकरार रहनी चाहिए।

कुलपति ने स्पष्ट किया कि शताब्दी भवन विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा का प्रतीक है और इसका नवीनीकरण इस तरह किया जाना चाहिए कि यहां आने वाले अतिथियों, विद्वानों और अकादमिक आयोजनों के लिए यह एक आदर्श केंद्र बन सके। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

इसके बाद कुलपति ने परिसर स्थित लाल भवन में चल रहे नवीनीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरी की जानी चाहिए।

इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. जीतेन्द्र कुमार, प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र और प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संकायाध्यक्ष उपस्थित रहे।