वाराणसी : सील तोड़कर निर्माण करने वालों पर VDA सख्त, एफआईआर के निर्देश

विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और प्राधिकरण की सील तोड़कर दोबारा निर्माण कार्य कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सील तोड़कर निर्माण कार्य जारी रखने वाले भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
 

वाराणसी। विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और प्राधिकरण की सील तोड़कर दोबारा निर्माण कार्य कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सील तोड़कर निर्माण कार्य जारी रखने वाले भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्राधिकरण ने बताया कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के तहत वाराणसी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले धारा-15 के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी से मानचित्र स्वीकृति या अनुज्ञा प्राप्त करना अनिवार्य है। वर्तमान में शासन और प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।

इसके बावजूद महायोजना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध निर्माण कार्य किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा अधिनियम की धारा-27 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस और धारा-28 के तहत निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं। यदि इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुकता, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा धारा-28(क) के तहत संबंधित परिसर को सील कर स्थानीय थाने की अभिरक्षा में सौंप दिया जाता है।

प्राधिकरण ने कहा कि कुछ भवन स्वामी और निर्माणकर्ता सील किए गए भवनों की सील तोड़कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर देते हैं, जो पूरी तरह अवैध और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना माना जाएगा। उपाध्यक्ष ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन मामलों में सील तोड़कर निर्माण कार्य किया जाता पाया जाए, वहां संबंधित भवन स्वामी और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।