वाराणसी : हत्या के दोषी दो बाल अपचारियों को 20–20 साल की सजा, घटना के बाद शव छिपाने का प्रयास
वाराणसी। लूट की नीयत से की गई हत्या और शव को छिपाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने दो बाल अपचारियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट/बाल न्याय बोर्ड) की अदालत ने मामले में सभी साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना जनवरी 2019 की है। वाराणसी के शिवपुर इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान बाद में प्रेमचंद सिंह, निवासी दुल्लहपुर (गाजीपुर) के रूप में हुई। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की हत्या लूट की नीयत से की गई थी। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को छिपाने का प्रयास भी किया। विवेचना के दौरान दो बाल अपचारियों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर दोनों को अभिरक्षा में लिया और बाल न्याय अधिनियम के तहत मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के समक्ष रखे। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने माना कि दोनों बाल अपचारियों ने लूट की नीयत से हत्या की और साक्ष्य छिपाने का भी प्रयास किया। यह अपराध जघन्य प्रकृति का है और समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बाल अपचारी होने के बावजूद अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए दोनों दोषियों को 20–20 वर्ष की सजा सुनाई जाती है। इसके अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसला सुनाए जाने के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद पीड़ित पक्ष ने संतोष व्यक्त किया।