वाराणसी ने स्वास्थ्य सेवाओं में मारी बाजी, प्रदेश में पहला स्थान, सितंबर की हेल्थ रैंकिंग में 74 प्रतिशत रहा जिले का स्कोर

 

वाराणसी। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के मामले में वाराणसी ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सितंबर 2026 की हेल्थ रैंकिंग में जिले ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया। हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार वाराणसी का समग्र स्कोर 74 प्रतिशत दर्ज किया गया है। जिले की इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना, अधिकारियों की निगरानी और स्वास्थ्य इकाइयों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का असर जिला स्तर के साथ ही विकासखंडों की रैंकिंग में भी दिखाई दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया है।

अराजीलाइन पहले, पिंडरा दूसरे स्थान पर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि विकासखंड स्तर पर भी वाराणसी की स्वास्थ्य इकाइयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अराजीलाइन विकासखंड 78 प्रतिशत समग्र स्कोर के साथ जिले में पहले स्थान पर रहा। वहीं, पिंडरा ने 76 प्रतिशत स्कोर हासिल कर दूसरा और सेवापुरी ने 75 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन विकासखंडों का प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यक्रमों के संचालन में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

सिजेरियन प्रसव के संकेतकों में भी अव्वल
सीएमओ के अनुसार, सिजेरियन प्रसव से जुड़े स्वास्थ्य संकेतकों पर भी वाराणसी का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित सिजेरियन प्रसव के दोनों प्रमुख संकेतकों में जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच, पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और प्रसवपूर्व जांच जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी विभिन्न विकासखंडों ने सराहनीय प्रदर्शन किया।

नवजात शिशुओं को घर पर देखभाल उपलब्ध कराने के लिए संचालित गृह आधारित नवजात देखभाल सेवाओं में भी स्वास्थ्य इकाइयों की सक्रियता सामने आई है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करना है।

सीएमओ ने टीम के प्रयासों को सराहा
डॉ. एनपी सिंह ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सालयों, स्वास्थ्य इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिलना सामूहिक प्रयास, बेहतर कार्ययोजना और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी का परिणाम है।

उन्होंने अन्य चिकित्सालयों और स्वास्थ्य इकाइयों को भी अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा करने और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को और बेहतर बनाना है।