वाराणसी : संगठित पशु तस्करी पर कसा शिकंजा, तीन तस्करों पर लगा गैंगस्टर

संगठित अपराध और पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लंका थाना पुलिस ने तीन कथित पशु तस्करों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से गिरोह बनाकर अवैध पशु तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके खिलाफ पहले से भी वाराणसी सहित आसपास के जनपदों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
 

वाराणसी। संगठित अपराध और पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लंका थाना पुलिस ने तीन कथित पशु तस्करों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से गिरोह बनाकर अवैध पशु तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। उनके खिलाफ पहले से भी वाराणसी सहित आसपास के जनपदों में कई मुकदमे दर्ज हैं।

लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत रोहनिया थाना क्षेत्र के मिसिरपुर निवासी अभिषेक यादव, रामनगर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर निवासी मोहम्मद अफरोज शाह तथा चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के छिमिया निवासी विजय यादव उर्फ टिल्लू के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए पशु तस्करी सहित विभिन्न अवैध गतिविधियों के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। उनके विरुद्ध वाराणसी, चंदौली और अन्य जनपदों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके आपराधिक इतिहास और गिरोह की गतिविधियों का विस्तृत परीक्षण करने के बाद गैंगस्टर अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की है।

अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के बाद अब आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में संपत्ति के अवैध स्रोतों के साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के प्रावधानों के अनुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कमिश्नरेट पुलिस अपराधियों, माफिया तत्वों और संगठित गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। लंका पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों को लगातार गति दी जा रही है।