वाराणसी : मूसलाधार बारिश में गिरा कच्चा मकान, कई घायल, मलबे में दबकर तीन मवेशियों की मौत
वाराणसी। मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार तड़के गोवर्धनपुर के वार्ड नंबर 23 में एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। मकान गिरने से परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। सभी का उपचार जारी है। वहीं, मकान के अंदर बंधे एक बकरी और दो कुत्ते मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब पांच बजे क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की हालत कमजोर हो गई और अचानक उसका एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के दौरान परिवार के लोग घर के भीतर थे। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने में जुट गए। समय रहते परिवार के कुछ सदस्य बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि माता-पिता और बच्चों को चोटें आई हैं।
टीनशेड और कमजोर ढांचे के कारण बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान की छत पर टीनशेड और हल्का ढांचा बना हुआ था। लगातार बारिश के कारण मकान पर दबाव बढ़ता गया और उसका कमजोर हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपने स्तर से मलबा हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। पशुओं को बचाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन तीन मवेशियों की जान नहीं बच सकी।
100 से अधिक परिवारों के आवास का मुद्दा उठा
घटना के बाद क्षेत्र में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित आवास का मुद्दा भी सामने आया। मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रतिनिधि ने बताया कि क्षेत्र को नगर निगम में शामिल हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन डाफी और आसपास की बस्तियों में रहने वाले 100 से अधिक जरूरतमंद परिवार अभी भी पक्के आवास से वंचित हैं।
उनका आरोप है कि आवास योजना के लिए कई बार सर्वे कराया गया, लेकिन पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने डूडा, नगर निगम और संबंधित विभागों से दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराने तथा पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की मांग
हादसे की जानकारी लेखपाल और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। स्थानीय प्रतिनिधि ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी और शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मकान ढहने से हुए नुकसान और मवेशियों की मौत के लिए भी उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बारिश के मौसम को देखते हुए क्षेत्र के जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खतरे वाले मकानों में रहने वाले परिवारों को चिह्नित कर सुरक्षित स्थान या पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।