वाराणसी : हाल में बने ओवरब्रिज की सड़क धंसी, उखड़ने लगीं गिट्टियां, हादसों की बढ़ी आशंका, गुणवत्ता पर उठे सवाल

मोहनसराय रेलवे लाइन के ऊपर हाल ही में बनाए गए नए ओवरब्रिज की सड़क की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरब्रिज पर सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ने लगी है। इससे जहां राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़क की बदहाल स्थिति के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
 

वाराणसी। मोहनसराय रेलवे लाइन के ऊपर हाल ही में बनाए गए नए ओवरब्रिज की सड़क की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरब्रिज पर सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ने लगी है। इससे जहां राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़क की बदहाल स्थिति के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही सड़क की परत उखड़ने से लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

निर्माण के बाद ही उखड़ने लगी सड़क
स्थानीय लोगों के मुताबिक ओवरब्रिज पर यातायात शुरू होने के बाद सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत टूटकर उखड़ गई है। वाहनों के गुजरने पर सड़क से गिट्टियां निकल रही हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहन अचानक उखड़ी हुई सड़क पर पहुंचने से अनियंत्रित हो सकते हैं।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। पानी सड़क की क्षतिग्रस्त परत के नीचे पहुंचने पर गड्ढे और गहरे हो सकते हैं तथा सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी रहेगी।

गुणवत्ता पर उठे सवाल
ओवरब्रिज जैसे महत्वपूर्ण निर्माण में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना गंभीर विषय है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा गुणवत्ता की जांच की गई होगी, लेकिन यदि जांच के बावजूद सड़क इतनी जल्दी उखड़ने लगी तो गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

लोगों ने मांग की है कि ओवरब्रिज निर्माण में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री, सड़क की मोटाई, डामर की गुणवत्ता और निर्माण कार्य के दौरान अपनाई गई तकनीकी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण एजेंसी द्वारा किए गए कार्य की थर्ड पार्टी जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी धन से तैयार किए गए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में यदि घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है तो यह जनता के पैसे की बर्बादी है। लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उखड़ने लगे तो इसकी मरम्मत पर दोबारा सरकारी धन खर्च करना पड़ेगा।

नागरिकों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए और रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार?
ओवरब्रिज पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क की उखड़ी परत और निकल रही गिट्टियां विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय विभाग को तत्काल सड़क की मरम्मत करानी चाहिए।

लोगों ने सवाल उठाया कि जब नया ओवरब्रिज बनने के बाद ही सड़क की स्थिति खराब होने लगी है तो आने वाले समय में इसका क्या हाल होगा। बारिश और भारी वाहनों के लगातार आवागमन के बीच यदि सड़क की गुणवत्ता इसी तरह बनी रही तो समस्या और गंभीर हो सकती है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर महज लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।