वाराणसी : भूगर्भ जल विभाग ने की होटलों की जांच, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में मिली खामी, चार होटलों को नोटिस 

भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत जल विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को विभागीय टीम ने शहर के प्रमुख होटलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पानी के उपयोग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगह खामियां मिलने पर संबंधित होटलों को नोटिस जारी किया गया है।
 

वाराणसी। भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत जल विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को विभागीय टीम ने शहर के प्रमुख होटलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पानी के उपयोग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगह खामियां मिलने पर संबंधित होटलों को नोटिस जारी किया गया है।

निरीक्षण के दौरान भूगर्भ जल विभाग की टीम ने पाया कि कुछ बड़े होटलों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम या तो मानकों के अनुरूप नहीं है या फिर पूरी तरह से खराब है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विभाग ने सूर्य, अमाया, रिवातास और मदीन समेत कई होटलों को नोटिस थमाया है।

विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी होटल प्रबंधन सात दिनों के भीतर अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें और निर्धारित मानकों के अनुसार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को क्रियाशील बनाएं। तय समय सीमा में सुधार न होने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

जांच टीम के साथ मौजूद वरिष्ठ हाइड्रोलॉजिस्ट डॉ. नम्रता जायसवाल ने बताया कि जिले में भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जल संरक्षण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के अन्य होटल, मॉल तथा बड़े संस्थानों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी संस्थान वर्षा जल संचयन को गंभीरता से लें और जल संकट से निपटने में सहयोग करें। इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया है। वहीं, विभाग की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।