वाराणसी : नागरिक सुरक्षा विभाग ने रियल रिहर्सल से सिखाए बचाव के प्रभावी तरीके, दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
वाराणसी। आगजनी की घटनाओं से बचाव और आपदा के समय आम नागरिकों की तत्परता बढ़ाने के उद्देश्य से नागरिक सुरक्षा प्रखंड भेलूपुर ने सोमवार को श्री राम तारका आंध्र आश्रम में विशेष अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। माहव्यापी जनजागरूकता अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में आश्रम के कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बचाव, प्राथमिक कार्रवाई और अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर संदीप कुमार ने रियल रिहर्सल (व्यावहारिक प्रदर्शन) के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय किस प्रकार संयम और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। उन्होंने आग पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण पाने के उपाय, अग्निशमन यंत्रों के सही इस्तेमाल की विधि तथा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर समझाया।
संदीप कुमार ने कहा कि अधिकांश बड़ी दुर्घटनाएं शुरुआती लापरवाही और जानकारी के अभाव में गंभीर रूप ले लेती हैं। यदि लोग आग लगने के शुरुआती संकेतों को पहचानकर तत्काल उचित कदम उठाएं और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करें, तो जन-धन की बड़ी हानि से बचा जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की आग और उनके अनुसार उपयुक्त अग्निशमन तकनीकों की भी जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम डिवीजनल वार्डन वी. वी. सुंदर शास्त्री तथा डिप्टी डिवीजनल वार्डन अभिषेक जायसवाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। दोनों अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा को केवल औपचारिक विषय न समझें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि घर, कार्यालय, विद्यालय और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन तथा समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में पोस्ट नंबर-4 के पोस्ट वार्डन भूपेंद्र सिंह गिल, मुन्ना लाल यादव, अनुपम भट्टाचार्य, वी. वी. सीताराम और वी. वी. एस. पी. गणेश सहित नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग किया। प्रशिक्षण में मौजूद लोगों ने अग्निशमन यंत्रों का उपयोग स्वयं करके देखा और आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का अभ्यास भी किया।
प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम, प्राथमिक उपचार की मूलभूत जानकारी तथा आग लगने की स्थिति में तत्काल अग्निशमन विभाग और संबंधित एजेंसियों को सूचना देने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
नागरिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि जनजागरुकता बढ़ाने और लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी विभिन्न विद्यालयों, संस्थानों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की मदद करने में भी सक्षम बन सकें।