वाराणसी : पूजा-पाठ के बहाने बुलाकर तांत्रिक की कर दी हत्या, हाईवे किनारे शव फेंककर हो गए थे फरार, छह आरोपी गिरफ्तार

लालपुर पांडेयपुर थाना पुलिस ने तांत्रिक अनीश उपाध्याय की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने परिवार में गरीबी और बीमारी की समस्या दूर कराने के लिए अनीश उपाध्याय से पूजा-पाठ कराया था। समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का स्टूल, घरेलू गैस सिलेंडर, लोहे की रॉड और म्यूजिक सिस्टम बरामद किया है।
 

वाराणसी। लालपुर पांडेयपुर थाना पुलिस ने तांत्रिक अनीश उपाध्याय की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने परिवार में गरीबी और बीमारी की समस्या दूर कराने के लिए अनीश उपाध्याय से पूजा-पाठ कराया था। समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का स्टूल, घरेलू गैस सिलेंडर, लोहे की रॉड और म्यूजिक सिस्टम बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक नौ जुलाई 2026 को अनीश उपाध्याय की पत्नी ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद 13 अगस्त को पत्नी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने एकराय होकर उनके पति की हत्या कर शव छिपा दिया और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। प्रार्थनापत्र के आधार पर लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और वारदात की जानकारी दी। बताया गया कि परिवार में बीमारी और आर्थिक परेशानियों के चलते अनीश उपाध्याय से पूजा-पाठ कराया गया था। इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हुआ। इसी दौरान विकास गौंड की तबीयत खराब होने पर उसका कानपुर में उपचार कराया गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान तीन भाइयों सोनू, विकास और विशाल ने अपने मामा के बेटों अभिषेक उर्फ रोहित और मोहित के साथ मिलकर अनीश की हत्या की योजना बनाई।

आरोपियों ने कथित तौर पर अपने मित्र साहिल के ऊपर साया होने का बहाना बनाकर अनीश को कंचनपुर, मंडुवाडीह स्थित किराए के मकान पर बुलाया। पुलिस के मुताबिक वहां आरोपियों ने लकड़ी के स्टूल, गैस सिलेंडर और लोहे की रॉड से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के दौरान आवाज बाहर न पहुंचे, इसके लिए म्यूजिक सिस्टम चलाने की बात भी पुलिस ने बताई है। हत्या के बाद कमरे की सफाई कर कथित तौर पर खून के निशान मिटाने का प्रयास किया गया।

पुलिस ने सोनू को 13 अगस्त को थाना परिसर से गिरफ्तार किया। विशाल, विकास और साहिल को उसी दिन काली माता मंदिर से नई बस्ती जाने वाली सड़क के पास पकड़ा गया। अभिषेक और मोहित को 14 अगस्त की रात घनश्याम पीजी कॉलेज, पांडेयपुर के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू, विशाल, विकास कुमार गौंड, साहिल गौंड, अभिषेक उर्फ रोहित कश्यप और मोहित कश्यप शामिल हैं।