वाराणसी : गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से छह बच्चों को किया गया रेस्क्यू, गुजरात ले जा रहे दो मानव तस्कर गिरफ्तार, मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे बच्चे 

मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से छह नाबालिग बच्चों को सकुशल रेस्क्यू किया। बच्चों को कथित रूप से गुजरात में मजदूरी कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध तस्करों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
 

वाराणसी। मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से छह नाबालिग बच्चों को सकुशल रेस्क्यू किया। बच्चों को कथित रूप से गुजरात में मजदूरी कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध तस्करों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, लखनऊ के निर्देशन में गठित "नन्हे फरिश्ते" और एएचटीयू टीम ने ऑपरेशन आहट के तहत मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से वाराणसी की ओर आने वाली गाड़ी संख्या 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस में सघन जांच अभियान चलाया। टीम में उपनिरीक्षक माधुरी यादव, सहायक उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, महिला कांस्टेबल प्रीति, कांस्टेबल जयराम, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार यादव, सीआईबी वाराणसी तथा एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन (बीबीए) की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता शामिल थीं।

जांच के दौरान ट्रेन के सामान्य कोच में चार लड़कों और दो लड़कियों समेत छह नाबालिग बच्चे दो वयस्क पुरुषों के साथ डरे-सहमे बैठे मिले। संदेह होने पर टीम ने बच्चों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे असम के गुवाहाटी से गुजरात ले जाए जा रहे थे, जहां उन्हें अलग-अलग स्थानों पर मजदूरी कराई जानी थी। दो बच्चों को राजकोट के कृष्णा प्रोजेक्ट क्षेत्र में भेजने की तैयारी थी, जबकि चार अन्य बच्चों को गुजरात के एक पोर्ट क्षेत्र में मछली पैकिंग के कार्य में लगाने की योजना थी।

प्राथमिक जांच में मामला मानव तस्करी का प्रतीत होने पर आरपीएफ ने तत्काल सभी छह बच्चों को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित रेस्क्यू किया और दोनों संदिग्ध तस्करों को हिरासत में ले लिया। सूचना मिलने पर कमिश्नरेट पुलिस की एएचटीयू टीम भी मौके पर पहुंची और आगे की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की काउंसलिंग कर उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मानव तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाते हुए देखा जाए तो तत्काल पुलिस या आरपीएफ को सूचना दें, ताकि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।