वाराणसी : ‘पाकिस्तानेश्वर महादेव’ नाम पर सिंधी समाज में नाराजगी, नगर निगम को सौंपा पत्रक, नाम बदलने की मांग
वाराणसी। शहर में एक शिव मंदिर के नाम को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर ‘पाकिस्तानेश्वर महादेव’ नाम से मंदिर का नाम प्रचारित किया जा रहा है। इसको लेकर सिंधी समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है। समाज के लोगों का कहना है कि आजादी के बाद सिंध से विस्थापित होकर वाराणसी आए सिंधी परिवारों से जुड़े शिवलिंग के नाम के साथ ‘पाकिस्तान’ शब्द जोड़े जाने से उनकी भावनाएं आहत हो रही हैं।
सिंधी समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, विभाजन के बाद सिंध से विस्थापित होकर वाराणसी आए लोगों द्वारा शिवलिंग यहां लाया गया था। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से इसे स्थापित कराया गया। समाज का कहना है कि लंबे समय से यह धार्मिक स्थल आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे ‘पाकिस्तानेश्वर महादेव’ के नाम से प्रचारित करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि नगर निगम की ओर से भी मौके पर इसी नाम का बोर्ड लगा दिया गया। बोर्ड लगाए जाने के बाद सिंधी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ गई। समाज के प्रतिनिधियों ने नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर बोर्ड का नाम बदलने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
सिंधी समाज से जुड़े शंकर विशनानी ने कहा कि विभाजन के समय सिंध से विस्थापित होकर आए परिवारों की धार्मिक आस्था और इतिहास से यह स्थल जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि शिवलिंग के नाम के साथ ‘पाकिस्तान’ शब्द जोड़ना उचित नहीं है। समाज की मांग है कि शिवलिंग का नाम परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप रखा जाए।
समाज के प्रतिनिधियों ने नगर निगम को पत्रक सौंपकर संबंधित बोर्ड को हटाने अथवा उसका नाम संशोधित करने की मांग की। साथ ही सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक नाम से प्रचार करने वालों के संबंध में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई।