वाराणसी : विभाजन की त्रासदी को याद कर निकला मौन जुलूस, पीड़ित परिवारों का हुआ सम्मान
वाराणसी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से भारत विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस जेपी मेहता कॉलेज से शुरू होकर सर्किट हाउस पहुंचा। इसमें प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देश के विभाजन की परिस्थितियां बनीं। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद बड़ी संख्या में लोग रातोंरात बेघर हो गए और उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कश्मीर से जुड़े तत्कालीन घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। कहा कि भाजपा की ओर से निकाला गया मौन जुलूस विभाजन पीड़ितों के दर्द को समझने और उनके संघर्ष को याद करने का माध्यम है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त को भारत विभाजन की त्रासदी से गुजरा। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर भारत आना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि उस दर्दनाक दौर को याद करना और उससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समाज को जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द झेलकर भारत आए परिवारों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के प्रति अपना प्रेम और विश्वास कायम रखा। ऐसे परिवारों का सम्मान उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन करना है। विभाजन के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुभव आज की पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उनके माध्यम से उस दौर की पीड़ा और परिस्थितियों को समझा जा सकता है।
सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत विभाजन की विभीषिका झेलकर देश में आए परिवारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। रोजगार, अर्थव्यवस्था और महिलाओं के सम्मान व प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा गया कि आज देश की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।