वाराणसी : कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत, मंहगाई की मार, कारोबारियों पर बढ़ा संकट
वाराणसी। कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आ रही अनियमितता ने छोटे-बड़े व्यापारियों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। महंगाई से पहले ही जूझ रहे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अब गैस सिलेंडर की महंगाई और कमी दोहरी परेशानी बन गई है। इसका सीधा असर उनके कारोबार और आम ग्राहकों दोनों पर पड़ रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि सिलेंडर की समय पर उपलब्धता नहीं होने से उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में बाधा झेलनी पड़ रही है। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि उन्हें दुकानें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ती हैं। कुछ व्यापारियों ने विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, लेकिन यह भी हर किसी के लिए व्यावहारिक नहीं है।
व्यापारी रणजीत सिंह के अनुसार, गैस सिलेंडर के दामों में लगातार हो रही वृद्धि ने कारोबार की लागत को काफी बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि ग्राहकों से बढ़ी हुई लागत वसूल करना संभव नहीं हो पाता, जिससे मुनाफा लगातार घट रहा है। “लागत बढ़ती जा रही है और आमदनी कम हो रही है, ऐसे में व्यापार चलाना बेहद कठिन हो गया है।
दुकानदारों का कहना है कि एक कमर्शियल सिलेंडर मुश्किल से दो दिन तक ही चल पाता है। ऐसे में यदि समय पर नया सिलेंडर नहीं मिलता, तो पूरे कामकाज पर असर पड़ता है। कई जगहों पर सिलेंडर की कमी के कारण होटल और ढाबों को आंशिक रूप से बंद रखना पड़ रहा है, जिससे रोजाना की आमदनी पर भी असर पड़ रहा है।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित किया जाए और उसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो छोटे कारोबारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।