वाराणसी : चाइनीज मांझे पर रोक के लिए समाजवादी युवजन सभा ने उठाई आवाज, विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
मकर संक्रांति और बसंत पंचमी से पहले प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने की अपील, विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
वाराणसी। मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के पर्व को देखते हुए वाराणसी में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज होने लगी है। इसी क्रम में समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। साथ ही बाजारों और थोक विक्रेताओं के यहां छापेमारी कर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं, पक्षियों की मौत और पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। राहुल गुप्ता ने कहा कि नायलॉन, प्लास्टिक और कांच की परत वाले प्रतिबंधित मांझे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के गले में मांझा फंसने से गंभीर हादसों का खतरा रहता है। वहीं, पेड़ों और बिजली के तारों में उलझने से पक्षियों को भी नुकसान पहुंचता है।
ज्ञापन में दावा किया गया कि पिछले वर्ष वाराणसी में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से तीन बाइक सवार युवकों के गले कटने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके अलावा 50 से अधिक पक्षियों की मौत का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने आशंका जताई कि बिजली के तारों में मांझा उलझने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।
समाजवादी युवजन सभा ने प्रशासन से जनपद के सभी थाना प्रभारियों को प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की। संगठन का कहना है कि बाजारों, दुकानों और थोक विक्रेताओं के यहां नियमित छापेमारी कर प्रतिबंधित मांझे को जब्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नियमों के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने पतंग विक्रेताओं और आम नागरिकों को जागरूक करने तथा सुरक्षित विकल्प के रूप में सूती धागे से बने मांझे के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।