वाराणसी : रोबोट बताएगा सीवर में कहां है जाम और लीकेज, बिना बेवजह खुदाई के दूर होगी समस्या
नगर निगम ने चेन्नई की सोलिनास इंटीग्रिटी कंपनी से किया करार, कोका-कोला देगी सीएसआर फंड से मदद, दशाश्वमेध घाट क्षेत्र से शुरू हुआ तकनीक का इस्तेमाल
वाराणसी। शहर की सीवर लाइनों में होने वाले लीकेज, जाम और गंदे पानी के ओवरफ्लो की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अब आधुनिक रोबोटिक तकनीक का सहारा लेगा। सीवर के भीतर की स्थिति जानने के लिए विशेष रोबोट और अत्याधुनिक कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पाइपलाइन के अंदर खराबी, जंग, ब्लॉकेज और लीकेज की सटीक जानकारी मिल सकेगी। खास बात यह है कि इस तकनीक से समस्या का स्थान चिह्नित होने के बाद उसी जगह मरम्मत के लिए खुदाई करनी होगी। इससे सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और नागरिकों को भी जल्द राहत मिल सकेगी।
नगर निगम ने इस परियोजना के लिए चेन्नई की कंपनी सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है। परियोजना के लिए कोका-कोला कंपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत वित्तीय सहयोग कर रही है। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के मार्गदर्शन में गुरुवार से दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में इसका फील्ड वर्क और तकनीकी निरीक्षण शुरू कर दिया गया।
दो तरह के उपकरणों से होगी जांच
परियोजना के तहत पाइपलाइन की जांच के लिए दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। पहली तकनीक स्पेशल एंडोकैम है, जिसके माध्यम से 50 से 125 मिलीमीटर व्यास तक की पाइपलाइनों के भीतर की स्थिति देखी जा सकेगी। वहीं, एंडो-90 रोबोट 125 से 400 मिलीमीटर व्यास तक की बड़ी पाइपलाइनों का निरीक्षण करने में सक्षम है। इन उपकरणों की मदद से पाइप के अंदर की तस्वीर और वीडियो प्राप्त होंगे। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि पाइपलाइन में किस स्थान पर जाम, टूट-फूट या लीकेज है।
जेई के निर्देश पर मौके पर पहुंचेगी टीम
सीवर या जल निकासी से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित अवर अभियंता (जेई) के निर्देश पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। वहां जरूरत के अनुसार छोटा गड्ढा या पिट तैयार कर पाइप के माध्यम से कैमरा अथवा रोबोट सीवर लाइन के भीतर डाला जाएगा। जांच के दौरान पाइपलाइन के अंदर की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके बाद खराबी की सटीक दूरी और स्थान चिह्नित कर मरम्मत की जाएगी। इससे बिना जरूरत लंबी दूरी तक सड़क खोदने से बचा जा सकेगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है। इस तकनीकी सहयोग से सीवर संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करने में मदद मिलेगी और सड़कों की अनावश्यक खुदाई भी रुकेगी। इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह तथा कंपनी के अधिकारी देवांशु कुमार और मोइनाज बनर्जी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।