वाराणसी : नए वार्डों में बारिश ने खोली जलनिकासी की पोल, सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से आवागमन में परेशानी
सुसुवाही में युद्धस्तर पर पानी निकालने में जुटीं मशीनें, कौशलपुरी, राधा मार्केट और वृंदावन में लगाए गए पंप
वाराणसी। मूसलाधार बारिश ने नगर निगम में हाल ही में शामिल किए गए नए वार्डों में जलनिकासी व्यवस्था की मुश्किलें सामने ला दी हैं। बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में जलभराव, कीचड़, मलबे और गंदगी से लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। सड़क और गलियां पानी में डूबी होने के कारण आवागमन प्रभावित है। कई स्थानों पर घरों और दुकानों के आसपास पानी जमा होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुसुवाही वार्ड में पानी निकासी का अभियान तेज कर दिया गया है। वार्ड के पार्षद सुरेश पटेल उर्फ गुड्डू ने सोमवार को जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर मौके पर मशीनें लगवाईं। कौशलपुरी, राधा मार्केट और वृंदावन समेत कई इलाकों में अलग-अलग क्षमता की मशीनों के जरिये पानी निकालने का काम कराया जा रहा है।
कौशलपुरी में 12 हजार लीटर क्षमता की मशीन
पार्षद के अनुसार कौशलपुरी क्षेत्र में 12 हजार लीटर क्षमता की मशीन लगाई गई है। इसके जरिये जमा पानी निकालकर टैंकर से दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा है। लगातार मशीन चलाकर जलस्तर कम करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
वहीं राधा मार्केट के पास चार हजार लीटर क्षमता की मशीन लगाकर जलनिकासी कराई जा रही है। वृंदावन क्षेत्र में भी अलग-अलग स्थानों पर मशीनें लगाई गई हैं। इनसे सड़कों और गलियों में जमा पानी निकालने का काम जारी है।
नाला चोक होने से बिगड़े हालात
पार्षद सुरेश पटेल ने जलभराव की प्रमुख वजह करौंदी वार्ड के स्वामी विवेकानंद पुरम क्षेत्र में नाले के चोक होने को बताया। उनके अनुसार नाला अवरुद्ध होने से सुसुवाही की ओर से आने वाला पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से कम समय में ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के बाद हर बार यही समस्या सामने आती है। पानी जमा रहने से कीचड़ और गंदगी बढ़ जाती है। पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित है नया नाला
पार्षद ने बताया कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर विधायक और नगर निगम महापौर से वार्ता की गई है। उनके अनुसार क्षेत्र में नए नाले के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है और संबंधित कार्य भी स्वीकृत कराया गया है। पार्षद का दावा है कि प्रस्तावित नाले का उद्घाटन इसी वर्ष कराया जाएगा। नए नाले के निर्माण से जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल प्राथमिकता जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने की है। पार्षद ने कहा कि जरूरत के अनुसार मशीनें तब तक चलती रहेंगी, जब तक जलभराव समाप्त नहीं हो जाता। साथ ही जलभराव के बाद सड़कों और गलियों में जमा कीचड़ व गंदगी हटाने की जरूरत भी जताई गई है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक आवागमन से बचने और बच्चों को पानी भरी सड़कों व गलियों में न जाने देने की अपील की। नए वार्डों में बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति ने बरसाती पानी की स्थायी निकासी व्यवस्था की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रस्तावित नाले के निर्माण पर टिकी है।