वाराणसी : मनरेगा भुगतान में देरी पर भड़के प्रधानों ने लगाया 25 करोड़ रुपए बकाए का आरोप, आंदोलन की दी चेतावनी
वाराणसी। आराजी लाइन ब्लॉक में मनरेगा के तहत लंबित भुगतान को लेकर ग्राम प्रधानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रधानों ने दो वर्षों से लंबित भुगतान पर कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दो साल से अटका भुगतान, बढ़ी आर्थिक परेशानी
मिर्जामुराद क्षेत्र के प्रधानों का कहना है कि मनरेगा के तहत सामग्री और मजदूरी का भुगतान करीब दो वर्षों से लंबित है। इस वजह से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और कई प्रधान कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं, जबकि उन्होंने सरकारी योजनाओं को ईमानदारी से जमीन पर उतारा है।
20-25 करोड़ रुपये बकाया, नियमों के खिलाफ स्थिति
बैठक में बताया गया कि जनपद में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी बकाया है। प्रधानों ने इसे मनरेगा अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए गहरी चिंता जताई और तत्काल भुगतान की मांग की।
बैठक में जताया गया विरोध, आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बड़े मंचों पर भी अपनी बात उठाई जा सकती है।
विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका
प्रधानों का कहना है कि भुगतान में देरी से विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द बकाया राशि जारी कर समस्या का समाधान किया जाए।
संघर्ष नहीं, अधिकार की मांग
प्रधानों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों के लिए न्याय प्राप्त करना है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि जनहित के कार्य प्रभावित न हों।