वाराणसी : साइबर अपराधियों पर पुलिस का तगड़ा प्रहार, 6 कॉल सेंटर कराए बंद, 76 साइबर अपराधियों को पकड़ा, पुलिस कमिश्नर ने की समीक्षा 

साइबर अपराध पर लगाम के लिए कमिश्नरेट पुलिस दिनोंदिन खुद को अपडेट कर रही है। 2025 में कमिश्नरेट पुलिस ने 6 कॉल सेंटर को बंद कराया। वहीं 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा म्यूल अकाउंट और फर्जी सिमकार्ड बेचने वाली फर्मों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को कैंप कार्यालय में साइबर अपराध की समीक्षा की। इस दौरान मातहतों से जानकारी ली। वहीं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 
 

वाराणसी। साइबर अपराध पर लगाम के लिए कमिश्नरेट पुलिस दिनोंदिन खुद को अपडेट कर रही है। 2025 में कमिश्नरेट पुलिस ने 6 कॉल सेंटर को बंद कराया। वहीं 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा म्यूल अकाउंट और फर्जी सिमकार्ड बेचने वाली फर्मों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को कैंप कार्यालय में साइबर अपराध की समीक्षा की। इस दौरान मातहतों से जानकारी ली। वहीं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 

पुलिस आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस ने तकनीक के प्रभावी प्रयोग से शहर से संचालित 06 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया, जिनके माध्यम से देश-विदेश के लोगों को ठगा जा रहा था। इन कार्रवाइयों में कुल 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वाराणसी में पहली बार हुआ, जब स्थानीय स्तर पर संचालित कॉल सेंटरों के पूरे नेटवर्क को उजागर कर सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पुलिसकर्मियों की मेहनत, लगन और निष्ठा का परिणाम है तथा वर्ष 2026 में भी इसी प्रकार सघन अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए।

म्यूल अकाउंट खोलने वाले 20 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वहीं फर्जी नामों से सिम कार्ड बेचने वाली 15 फर्मों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। साइबर सेल द्वारा वर्ष 2025 में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को लगभग 9.5 करोड़ रुपये वापस कराए गए, जो पीड़ितों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।

इसके अतिरिक्त साइबर अपराध में लिप्त 4888 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, 947 मोबाइल फोन के IMEI नंबर डिएक्टिवेट किए गए तथा 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय कराए गए। पहली बार साइबर अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई, जिससे संगठित साइबर गिरोहों में हड़कंप मचा। जनसामान्य को जागरूक करने के लिए वर्ष भर में 500 से अधिक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस आयुक्त ने साइबर शिकायतों के 83 प्रतिशत निस्तारण दर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक साइबर फ्रॉड प्रकरण में संबंधित मोबाइल नंबर और IMEI को प्राथमिकता के आधार पर अनिवार्य रूप से ब्लॉक कराने, 24×7 ड्यूटी व्यवस्था लागू करने, शिकायतों के LIEN टाइम को न्यूनतम करने तथा किसी भी अपराध के खुलासे में पूरे गैंग या नेक्सस पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही समन्वय पोर्टल पर अभियुक्तों का पूर्ण और सही विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने पर जोर दिया गया। गोष्ठी में अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।