वाराणसी: पुलिस के हत्थे चढ़ा 25 हजार का इनामी, काफी दिनों से थी तलाश 

कमिश्नरेट वाराणसी में फरार एवं वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोहता पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी।
 

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में फरार एवं वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोहता पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी।

पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन एवं सहायक पुलिस आयुक्त रोहनियां के पर्यवेक्षण में लोहता थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे थाना क्षेत्र स्थित सिटकवा बाबा मंदिर के पास से इनामी आरोपी कौशल राव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लोहता थाना क्षेत्र के कोरौता गांव का निवासी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध लोहता थाने में दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत है। आरोप है कि 15 जून 2026 की रात आरोपी पीड़िता के घर में जबरन घुस गया था। उसने घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट और अभद्रता की, पीड़िता की पुत्री के साथ छेड़छाड़ की तथा परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। मामले में पीड़िता की शिकायत पर 18 जून को मुकदमा दर्ज किया गया था।

एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर लोहता पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोहता थाना प्रभारी दिगम्बर उपाध्याय के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजदर्पण तिवारी, उपनिरीक्षक कौशल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार यादव तथा कांस्टेबल ऋषिकेश राय शामिल रहे।