IGRS रैंकिंग में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट फिर नंबर वन, लगातार छह माह से कायम है टॉप रैंकिंग

जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। माह अप्रैल 2026 की जारी IGRS रैंकिंग में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है।
 

वाराणसी। जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। माह अप्रैल 2026 की जारी IGRS रैंकिंग में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है।

कमिश्नरेट पुलिस द्वारा IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शिकायतों की नियमित समीक्षा और प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई के चलते वाराणसी ने प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि कमिश्नरेट वाराणसी लगातार पिछले छह माह से IGRS रैंकिंग में प्रथम स्थान बनाए हुए है, जो पुलिस की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल स्वयं प्रत्येक सप्ताह लंबित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हैं। समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, निष्पक्ष कार्रवाई और शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं। यही वजह है कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लगातार मजबूत हुई है।

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान और भरोसेमंद पुलिसिंग उनकी प्राथमिकता है। IGRS पोर्टल के माध्यम से आने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई कर लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

प्रदेश स्तर पर लगातार छह माह तक प्रथम स्थान प्राप्त करना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी कार्यशैली और जनकेंद्रित पुलिसिंग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। इस उपलब्धि से पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है, वहीं आमजन का भरोसा भी कमिश्नरेट पुलिस पर और मजबूत हुआ है।