वाराणसी : जनसुनवाई में लापरवाही पर पुलिस आयुक्त सख्त, बोले-हर थाने से 25 फीसदी पुलिसकर्मी करेंगे रात्रि गश्त
पुलिस कमिश्नर ने राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ की समीक्षा बैठक, शिकायतों पर फीडबैक लेने और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण पर चलेगा अभियान, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की निगरानी
वाराणसी। जनसुनवाई में लापरवाही, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कमिश्नरेट के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ गोष्ठी कर पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही बरती जाए। प्रत्येक थाने से रात में उपलब्ध पुलिस बल का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से गश्त पर लगाया जाए। साथ ही लंबित विवेचनाओं को निर्धारित 60 और 90 दिनों की समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी निर्धारित समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर नियमित रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनें। थाने और चौकियों पर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। आईजीआरएस, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का निर्धारित समय में निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्ति से फीडबैक लेकर उसकी संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय विवादों पर पहले से रखें नजर
भूमि विवाद और अन्य स्थानीय मामलों में संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर विवाद की आशंका वाले व्यक्तियों और संवेदनशील स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। शांति भंग होने की आशंका पर समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि विवाद गंभीर रूप न ले सकें।
अपराधियों की गतिविधियों पर रहेगी निगरानी
अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सक्रिय और आदतन अपराधियों की नियमित निगरानी कर उनकी गतिविधियों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
गश्त और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाने से रात में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा गश्त करेगा। शाम के समय प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी दिखनी चाहिए। अपराध संभावित क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी रखी जाए। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से काम करें। प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम की स्थिति न बनने दी जाए। यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए गए।
60 और 90 दिन में पूरी होंगी विवेचनाएं
लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित 60 और 90 दिनों की समयसीमा में उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। विवेचना में अनावश्यक देरी न हो तथा साक्ष्य संकलन और सभी कानूनी औपचारिकताएं समय से पूरी की जाएं। विवेचकों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग कर लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।