खाकी पहनकर लोगों को बनाता था शिकार, फर्जी दरोगा चढ़ा वाराणसी पुलिस के हत्थे

वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट की चोलापुर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दरोगा बनकर लोगों से नौकरी दिलाने और पुलिस चेकिंग के नाम पर धन उगाही करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजन प्रजापति के रूप में हुई है। उसके कब्जे से पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
 

वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट की चोलापुर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दरोगा बनकर लोगों से नौकरी दिलाने और पुलिस चेकिंग के नाम पर धन उगाही करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजन प्रजापति के रूप में हुई है। उसके कब्जे से पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

पुलिस की वर्दी पहनकर जमाता था रौब
पुलिस के अनुसार आरोपी राजन प्रजापति खुद को दरोगा बताकर लोगों के बीच पुलिस अधिकारी होने का प्रभाव जमाता था। वह खाकी वर्दी पहनकर घूमता था और इसी का फायदा उठाकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठता था। कई बार वह पुलिस चेकिंग के नाम पर भी लोगों से अवैध वसूली करता था।

फर्जी आईडी और नियुक्ति पत्र सहित कई सामान बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से पुलिस की खाकी वर्दी, स्टार, बैच, बेल्ट, कैप, तीन फर्जी पुलिस पहचान पत्र, फर्जी नियुक्ति पत्र, दो मोबाइल फोन तथा 1,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान के आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह में शामिल है या नहीं।

एक लाख रुपये की ठगी करना स्वीकार किया
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सिंधौरा निवासी एक युवक से एक लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस अब इस मामले के साथ-साथ अन्य संभावित पीड़ितों और आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी
चोलापुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फर्जी पुलिसकर्मियों और ठगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आम लोगों को इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।