वाराणसी : पार्किंग शुल्क घटा, पांच जगह बनेंगे पिक एंड ड्रॉप प्वाइंटर, निजी पार्किंग संचालकों को राहत, 20 प्रमुख चौराहों पर होगी जेब्रा और स्टॉप लाइन पेंटिंग
वाराणसी। शहर की पार्किंग और ऑटो-ई-रिक्शा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने कई अहम फैसले लिए हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को वाराणसी स्मार्ट सिटी सभागार में हुई पार्किंग प्रबंधन समिति की बैठक में निजी पार्किंग शुल्क घटाने के साथ पहले चरण में पांच स्थानों पर पिक एंड ड्रॉप स्थल विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 20 प्रमुख चौराहों पर जेब्रा और स्टॉप लाइन पेंटिंग कराने के निर्देश दिए गए।
निजी पार्किंग शुल्क में कटौती
बैठक में अपनी निजी भूमि पर पार्किंग संचालित करने वाले संचालकों से नगर निगम द्वारा लिए जाने वाले शुल्क को मासिक आय के 17 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं, दूसरे की निजी भूमि एग्रीमेंट पर लेकर पार्किंग संचालित करने वालों के शुल्क को 12 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत किया गया है।
पांच जगह बनेंगे पिक एंड ड्रॉप स्थल
शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए पिक एंड ड्रॉप स्थलों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर वाहन केवल यात्रियों को उतारने या बैठाने के लिए रुक सकेंगे। यहां स्थायी पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। प्राथमिकता वाले स्थलों में इंग्लिशिया लाइन, पांडेयपुर-आजमगढ़ रोड, चौकाघाट पुल के पास, आशापुर-सारनाथ रोड, मैदागिन कोतवाली के सामने, पड़ाव, लंका, बसंत कॉलेज के बगल राजघाट, कलेक्ट्री फार्म और दुर्गाकुंड ऑटो स्टैंड समेत अन्य स्थान शामिल हैं। पहले चरण में इनमें से पांच स्थानों को विकसित किया जाएगा।
20 चौराहों पर बनेगी जेब्रा लाइन
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शहर के 20 प्रमुख चौराहों और स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग तथा स्टॉप लाइन की पेंटिंग कराई जाएगी। पांडेयपुर चौराहे से सीकड़ लगाकर यातायात को व्यवस्थित करने और महानगर सीमा तक पिक एंड ड्रॉप के संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। लहरतारा पुल के नीचे बस पार्किंग और पुलिस चौकी के आसपास सुंदरीकरण तथा आई.पी. विजया मॉल के पास पार्किंग विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कैंट क्षेत्र के सामने ऑटो चालकों द्वारा सड़क पर वाहन खड़े करने से होने वाली समस्या पर भी समिति ने प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
नगर निगम की अनुमति के बाद ही पार्किंग संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुमति पार्किंग चलाने वालों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ऑटो यूनियन पदाधिकारियों को शेड और शौचालय के लिए उपयुक्त स्थल तथा अतिरिक्त ऑटो स्टैंड के संभावित स्थान 15 दिन में चिन्हित कर समिति को बताने को कहा गया है। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. राजेश कुमार, एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा समेत नगर निगम, परिवहन विभाग और ऑटो-ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।