वाराणसी : राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, 4.72 लाख से अधिक मामलों में हुआ समझौता
वाराणसी। वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण कर लोगों को त्वरित न्याय प्रदान किया गया। शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत भारतीय परंपरा की उसी व्यवस्था का आधुनिक स्वरूप है, जिसमें आपसी संवाद और सामंजस्य के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाता रहा है।
जिला जज ने कहा कि लोक अदालत ऐसा प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है, जिससे लोग बिना अधिक समय गंवाए गंभीर मामलों का भी समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और न्यायालय का उद्देश्य परिवारों को जोड़ना है, न कि उन्हें तोड़ना। उन्होंने कहा कि पारिवारिक समरसता बनाए रखने में न्यायालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय स्तर पर कुल 33,807 वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 2 करोड़ 96 लाख 86 हजार 619 रुपये 81 पैसे की धनराशि की वसूली की गई। वहीं प्रशासन एवं अन्य विभागों की ओर से कुल 4 लाख 38 हजार 354 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 17 करोड़ 52 लाख 54 हजार 475 रुपये की वसूली के लिए समझौता हुआ।
इस प्रकार न्यायालय और प्रशासनिक विभागों को मिलाकर कुल 4 लाख 72 हजार 161 मामलों का सफल निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 20 करोड़ 49 लाख 41 हजार 94 रुपये 81 पैसे की धनराशि की वसूली सुनिश्चित की गई। लोक अदालत के माध्यम से इतने बड़े स्तर पर मामलों के निस्तारण को न्याय व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में अनिरूद्ध कुमार तिवारी, मोटर दावा एवं दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रामकेश, बनारस बार के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम अविनाश अग्रवाल तथा पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव मुकुल पाण्डेय सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और बैंक कर्मचारी उपस्थित रहे।