वाराणसी : खरीफ बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, ई-लॉटरी से होगा किसानों का चयन

खरीफ-2026 में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब किसानों को बीज प्राप्त करने के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी, जबकि चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
 

वाराणसी। खरीफ-2026 में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब किसानों को बीज प्राप्त करने के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी, जबकि चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जनपद में विभिन्न फसलों के मिनीकिट निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके तहत उर्द के 367, मूंग के 175, अरहर के 1432, तिल के 400, ज्वार के 80, बाजरा के 400, कोदो के 200, सांवा के 200 तथा मडुवा (रागी) के 200 पैकेट किसानों को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सामान्य वितरण योजना के अंतर्गत धान, उर्द, मूंग, अरहर, तिल और ढैंचा के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीज वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही संकर बीज जैसे धान, मक्का, ज्वार और बाजरा भी राजकीय कृषि बीज भंडारों से 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होंगे।

कृषि विभाग के पोर्टल https://agriculture.up.gov.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 10 मई निर्धारित की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी आवश्यकता के अनुसार बीज की बुकिंग कर लें, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

इसी क्रम में गुरुवार को उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह और तकनीकी सहायक कृष्ण कुमार के साथ हरहुआ विकासखंड के भोपापुर, सरिया और मधेपुर गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को योजना की जानकारी दी। इस दौरान मौके पर ही कई किसानों की ऑनलाइन बुकिंग भी कराई गई।

चौपाल में किसानों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने और ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया गया। उप कृषि निदेशक ने किसानों से आह्वान किया कि वे खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए समय पर पंजीकरण कराएं, ताकि अनुदान का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सके। इस अवसर पर अजीत कुमार, हीरालाल, गुलाब चंद, गौरीशंकर पटेल, जितेंद्र मौर्य और प्यारे लाल मौर्य सहित कई किसान उपस्थित रहे।