वाराणसी : हनुमान जयंती पर कड़ी सुरक्षा के बीच निकली भव्य ध्वज यात्राएं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान
वाराणसी। हनुमान जयंती के अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा का सख्त घेरा बनाते हुए सभी ध्वज यात्राओं और शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर वाराणसी में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों से निकली भव्य ध्वज यात्राएं और शोभायात्राएं अलग-अलग मार्गों से होते हुए संकटमोचन मंदिर पहुंचीं, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।
हालांकि इस विशाल आयोजन के दौरान सबसे अधिक ध्यान सुरक्षा व्यवस्था पर रहा। संकटमोचन मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रमुख स्थानों पर एसीपी स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद डीआईजी शिवहरी मीणा ने संभाली। उन्होंने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कमिश्नरेट पुलिस के साथ समन्वय बनाते हुए शोभायात्राओं के मार्ग को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती।
यात्राओं के दौरान शहर में यातायात का दबाव भी बढ़ा, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात को नियंत्रित किया और मार्गों को खाली कराकर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाई।
हाथों में केसरिया ध्वज लिए श्रद्धालु “जय श्रीराम” और “हनुमान जी की जय” के उद्घोष के साथ आगे बढ़ते रहे। भजन-कीर्तन, झांकियों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पूरे दिन मंदिर परिसर में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा। सख्त सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रबंधन के बीच यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।