वाराणसी : निषादराज व महर्षि कश्यप की जयंती मनाई, सरकारी अवकाश घोषित करने की उठी मांग

चैत्र शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर सोमवार को श्री निषादराज गुहा एवं महर्षि कश्यप की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया गया, जहां दोपहर 2 बजे विधिवत पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण हुआ।
 

वाराणसी। चैत्र शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर सोमवार को श्री निषादराज गुहा एवं महर्षि कश्यप की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया गया, जहां दोपहर 2 बजे विधिवत पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण हुआ।

मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में निषाद, बिंद, कश्यप एवं मछुआरा समाज के लोगों के साथ काशी के नाविक समुदाय ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ जयंती का उत्सव मनाया गया। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और ठंडाई पिलाकर खुशी का इजहार किया।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद के नेतृत्व में समाज के लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि निषादराज और महर्षि कश्यप की जयंती के अवसर पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाए, ताकि समाज की आस्था और सम्मान को उचित मान्यता मिल सके।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण और पगड़ी बांधकर किया गया। कार्यक्रम में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, गणेश जी, भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती, राधा-कृष्ण, महर्षि वेदव्यास और एकलव्य सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं, जिसने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया।

इस अवसर पर विनोद कुमार निषाद ने निषादराज के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब भगवान राम को वनवास के दौरान गंगा पार करनी थी, तब निषादराज ने उन्हें नाव से पार कराया था। उस प्रसंग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि निषादराज ने भगवान राम से ‘भवसागर पार कराने’ का वचन लिया था, जो उनके समर्पण और भक्ति का प्रतीक है।

समिति के संरक्षक लक्ष्मण मांझी ने बताया कि झांकियों के प्रस्थान से पूर्व महिलाओं ने श्रद्धा के साथ देवी-देवताओं के चरण धोकर उन्हें भोग अर्पित किया और भव्य आरती उतारी। इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। जयंती समारोह में लक्ष्मण मांझी, एडवोकेट शिव कुमार निषाद, अयोध्या प्रसाद निषाद, सुभाष चंद्र मांझी, जितेंद्र कुमार निषाद, प्रकाश साहनी, राम किशन मांझी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।