वाराणसी : तत्काल टिकट के लिए नई व्यवस्था लागू, अब टोकन के साथ पहचान पत्र दिखाना होगा अनिवार्य

रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों को पहले टोकन प्राप्त करना होगा। टोकन लेने के दौरान संबंधित यात्री को अपना वैध पहचान पत्र भी दिखाना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तत्काल टिकट काउंटरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और टिकट वितरण को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
 

वाराणसी। रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों को पहले टोकन प्राप्त करना होगा। टोकन लेने के दौरान संबंधित यात्री को अपना वैध पहचान पत्र भी दिखाना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तत्काल टिकट काउंटरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और टिकट वितरण को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत निर्धारित संख्या में ही टोकन जारी किए जाएंगे। एसी श्रेणी के तत्काल टिकटों के लिए 10 टोकन तथा स्लीपर श्रेणी के लिए 15 टोकन वितरित किए जाएंगे। टोकन की संख्या सीमित होने के कारण काउंटरों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों को अपनी बारी का इंतजार व्यवस्थित ढंग से करने में सुविधा मिलेगी।

रेल प्रशासन ने एसी और स्लीपर श्रेणी के लिए टोकन वितरण का समय भी अलग-अलग निर्धारित किया है। एसी श्रेणी के यात्रियों को सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच टोकन दिए जाएंगे, जबकि स्लीपर श्रेणी के लिए सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक टोकन वितरण किया जाएगा। टोकन लेते समय यात्रियों को अपना पहचान पत्र दिखाने के साथ ही यात्रा संबंधी आवश्यक विवरण भी उपलब्ध कराना होगा।

रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान अव्यवस्था पर अंकुश लगेगा और वास्तविक यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, कुछ यात्रियों का कहना है कि तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू होते ही काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं, ऐसे में केवल टोकन व्यवस्था से सभी को टिकट मिलना सुनिश्चित नहीं होगा। उनका मानना है कि टिकटों की सीमित उपलब्धता के कारण चुनौतियां पहले की तरह बनी रह सकती हैं।