वाराणसी : दस साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी पड़ोसी को 20 साल की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
वाराणसी। जैतपुरा थाना क्षेत्र में दस साल की बच्ची को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले पड़ोसी आरिफ अंसारी को विशेष पॉक्सो अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पांडेय की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया गया है।
अभियोजन के अनुसार, घटना 10 अगस्त 2024 की शाम करीब चार बजे की है। उस समय बच्ची घर में अकेली थी और उसकी मां छत पर घरेलू काम कर रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरिफ अंसारी घर में घुस आया। आरोप है कि उसने बच्ची को उठाकर बाथरूम में पहुंचाया और दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसकी मां मौके पर पहुंचीं तो आरोपी ने उनके साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। इसके बाद वह वहां से भाग निकला।
आरोप है कि भागने से पहले आरोपी ने बच्ची को घटना के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए 25 रुपये दिए और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने जैतपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पांच गवाहों ने दी गवाही
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता और उसकी मां समेत पांच गवाह पेश किए गए। इनमें चिकित्सक और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। अदालत में मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरिफ अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद दोषी को सजा भुगतने के लिए भेज दिया गया।