वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला: 25 वार्डों में सिर्फ चार घंटे में होगा शिकायतों का निस्तारण, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से लेकर पीला कार्ड तक मिलेगी डिजिटल सुविधा

नगर निगम ने शहर की नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में जनसुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि शहर के 25 वार्डों में नागरिकों की सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट सफाई और अन्य बुनियादी समस्याओं का निस्तारण शिकायत दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर किया जाएगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा।
 

वाराणसी। नगर निगम ने शहर की नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में जनसुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि शहर के 25 वार्डों में नागरिकों की सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट सफाई और अन्य बुनियादी समस्याओं का निस्तारण शिकायत दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर किया जाएगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा।

बैठक में तय किया गया कि इस नई व्यवस्था की शुरुआत गंगा घाट से जुड़े राजघाट से अस्सी घाट तक के 25 वार्डों में की जाएगी। नागरिक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए नगर निगम जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा। इस व्यवस्था को आगामी 7 जुलाई से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में तकनीकी सुधारों के माध्यम से शिकायतों के समाधान का समय चार घंटे से भी कम करने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यकारिणी की बैठक में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र की नई नियमावली-2026 को भी सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। नई व्यवस्था के तहत शहर के सभी निजी अस्पतालों को किसी भी जन्म या मृत्यु की सूचना आठ घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी। अस्पतालों को माता-पिता का नाम, आधार कार्ड, फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल बनाना है, ताकि लोगों को जोनल कार्यालयों या नगर निगम मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

संपत्ति से जुड़े मामलों में भी नगर निगम ने बड़ी राहत देने की तैयारी की है। बैठक में बताया गया कि अगले छह माह के भीतर संपत्ति दाखिल-खारिज से संबंधित 'पीला कार्ड' की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी। इसके बाद भवन स्वामी घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से पीला कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि सभी जोनों में इस व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगामी 15 जुलाई से प्रधानमंत्री के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पूरे शहर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष नगर निगम ने 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी पौधों की न्यूनतम ऊंचाई छह फीट रखने तथा ट्री-गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहे। कार्यकारिणी ने हाईवे, रिंग रोड, बीएचयू, बीएलडब्ल्यू तथा अन्य बड़े संस्थानों के आसपास खाली भूमि पर भी छायादार एवं पारंपरिक प्रजातियों के पौधे लगाने पर सहमति जताई।

शहर में फल एवं सब्जी कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए शिवपुर, भेलूपुर तथा अन्य स्थानों पर आधुनिक फल मंडी विकसित करने की दिशा में भी कार्य तेज करने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि शिवपुर फल मंडी परियोजना की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए महापौर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने शहर के सभी जलभराव वाले हॉटस्पॉट तत्काल चिन्हित करने, सक्शन मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा गली-पिट एवं नालियों की समयबद्ध सफाई कराने के निर्देश दिए। महापौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।

बरसात के मौसम में नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम मुख्यालय में 24 घंटे संचालित होने वाला केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। इस कंट्रोल रूम में जलकल, सामान्य प्रशासन एवं प्रकाश विभाग के अधिकारियों की शिफ्टवार तैनाती होगी। साथ ही एकीकृत हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, ताकि नागरिक किसी भी आपात स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें।

कार्यकारिणी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक पेशेवर और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई विशेषज्ञों की संविदा पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी। इनमें क्रय एवं निविदा विशेषज्ञ, डिजिटलीकरण एवं ई-गवर्नेंस विशेषज्ञ, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ तथा तकनीकी सहायकों की नियुक्ति शामिल है। इसके अलावा विधि अधिकारी एवं संपत्ति अधिकारी के रूप में तहसीलदारों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में स्मार्ट काशी ऐप की कार्यप्रणाली, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था, पार्कों के रखरखाव, सड़कों की खुदाई समय से पूर्ण कराने तथा पिछले दो वर्षों में हुए वृक्षारोपण का विस्तृत विवरण पार्षदों को उपलब्ध कराने जैसे अनेक जनहित के विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि सभी मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के अंत में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कार्यकारिणी के छह सदस्यों को भावभीनी विदाई दी गई। महापौर, नगर आयुक्त एवं पार्षदों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। बैठक में उपसभापति नरसिंह दास सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य एवं नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर निगम के इन फैसलों को वाराणसी में नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि चार घंटे में शिकायत निस्तारण की योजना सफल रहती है तो वाराणसी उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम बन सकता है, जहां नागरिकों की बुनियादी समस्याओं का समाधान इतने कम समय में सुनिश्चित किया जाएगा।