वाराणसी: मोबाइल क्लोनिंग और APK फाइल से डेढ़ लाख से ज्यादा की ठगी, जांच में जुटी पुलिस 

जिले में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दो अलग-अलग घटनाओं में जालसाजों ने मोबाइल क्लोनिंग और एपीके फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ा ली। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 

वाराणसी। जिले में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दो अलग-अलग घटनाओं में जालसाजों ने मोबाइल क्लोनिंग और एपीके फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ा ली। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहला मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर गांव का है, जहां निवासी हरिश्चंद्र सिंह गैस बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को गैस बुकिंग के लिए आईवीआर नंबर पर कॉल किया था। अगले दिन 30 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को भारत गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उनकी बुकिंग पूरी नहीं हुई है और एक लिंक भेजकर ‘गैस डिलीवरी’ नाम का ऐप डाउनलोड करने को कहा।

आरोप है कि ठग ने वेरिफिकेशन के नाम पर 2 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने निर्देशों का पालन किया, साइबर अपराधियों ने मोबाइल क्लोन कर लिया और उनके खाते से कुल 54,900 रुपये निकाल लिए। चौबेपुर के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

वहीं दूसरी घटना भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज की है, जहां जीआरटी काशी क्षेत्रम निवासी आरएन रमेश के साथ ठगी हुई। पीड़ित के अनुसार, 25 अप्रैल को उनके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई। अनजाने में फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। कुछ ही देर बाद खाते से पैसे कटने के संदेश आने लगे। कुल 1,31,762 रुपये की निकासी कर ली गई।

भेलूपुर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर टीम के साथ मिलकर जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।