वाराणसी : वृद्धाश्रम पहुंचे मंत्री असीम अरुण, वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने रामनगर स्थित तारा संस्थान द्वारा सिग्नेचर ग्लोबल फाउंडेशन के सहयोग से संचालित निःशुल्क वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के साथ वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। निरीक्षण के दौरान तारा संस्थान, दिल्ली के संरक्षक सत्यभूषण, समाज कल्याण अधिकारी गिरिश दूबे तथा तारा संस्थान के सचिव दीपेश मित्तल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान तारा संस्थान के सचिव दीपेश मित्तल ने मंत्री को वृद्धाश्रम का विस्तृत भ्रमण कराया। उन्होंने आश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, मनोरंजन, योग, पूजा-पाठ, सत्संग और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी दी। मंत्री ने विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं के बारे में बातचीत की।
वरिष्ठ नागरिकों से संवाद के दौरान मंत्री असीम अरुण ने उनकी समस्याओं और अनुभवों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने आश्रम के भोजनालय में बुजुर्गों के साथ बैठकर भोजन भी किया और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की सराहना की।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना थी कि देश का एक उत्कृष्ट और आधुनिक वृद्धाश्रम काशी में स्थापित हो, जहां वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के अनुरूप कम समय में इस आधुनिक वृद्धाश्रम का निर्माण किया गया है, जहां बुजुर्गों की देखभाल के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि आश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित चिकित्सा सुविधा परिसर के भीतर उपलब्ध है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बाहरी चिकित्सा संस्थानों से भी उपचार दिलाया जाता है। साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया जाता है।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसे आधुनिक और सुविधासंपन्न वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस आश्रम में देश के किसी भी राज्य से आने वाले जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक निवास कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने तारा संस्थान की पहल की सराहना करते हुए इसे वरिष्ठ नागरिकों की गरिमापूर्ण सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।