वाराणसी : नाला सफाई में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, ठेकेदार पर जुर्माना और जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि

शहर में नाला सफाई कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सख्त कार्रवाई की है। महमूरगंज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में खामियां पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि संबंधित अवर अभियंता (जेई) को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
 

वाराणसी। शहर में नाला सफाई कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सख्त कार्रवाई की है। महमूरगंज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में खामियां पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि संबंधित अवर अभियंता (जेई) को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

नगर आयुक्त ने सोमवार को शहर के विभिन्न इलाकों में चल रहे नाला सफाई कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. ऊषा गुप्ता हॉस्पिटल मार्ग और आसपास की कॉलोनियों में सफाई कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। नालों से निकली सिल्ट (कीचड़) को निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय सड़क पर ही छोड़ दिया गया था।

इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से भीषण गर्मी में सिल्ट सूखकर धूल बन जाती है, जो हवा में उड़कर दोबारा नालों में गिरती है और जल निकासी व्यवस्था को बाधित करती है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि नियमानुसार सिल्ट को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर तिरपाल से ढककर तुरंत निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर यह व्यवस्था अनुपस्थित मिली।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था मेसर्स समर्थ इंटरप्राइजेज द्वारा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही निगरानी में विफल रहने पर क्षेत्रीय अवर अभियंता पंकज पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त ने नालों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर भी कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान कई दुकानदारों और भवन स्वामियों द्वारा नालों के ऊपर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आई, जिससे सफाई कार्य बाधित हो रहा है।

इस पर नगर आयुक्त ने जोनल स्तर पर विशेष टीमों का गठन कर सभी अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने और तत्काल चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा और अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नालों को अतिक्रमण मुक्त करने से न केवल जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सफाई निरीक्षक एवं नाला सफाई वेंडर मौजूद रहे।