वाराणसी : अपराधियों की अवैध संपत्तियां होंगी जब्त, मनचलों पर सख्ती, पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारियों को दिए कड़े निर्देश
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी, साइबर धोखाधड़ी, लूट, चोरी, छिनैती, गौ-तस्करी और एनडीपीएस जैसे संगठित अपराधों में शामिल पेशेवर अपराधियों के खिलाफ केवल मुकदमा दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और एनएसए जैसी कठोर धाराओं के साथ नए कानून के तहत उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान कर धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्ती और कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही महिला सुरक्षा, समयबद्ध विवेचना और आगामी आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
कैम्प कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने कहा कि मिशन शक्ति फेज-05 के दूसरे चरण को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए। सभी थाना प्रभारी विद्यालयों में जाकर छात्राओं और शिक्षकों से संवाद स्थापित करें, महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं तथा हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 और 9670705555 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने मनचलों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने संगठित अपराधियों पर आर्थिक कार्रवाई को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेशेवर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर जब्त करने की कार्रवाई तेज की जाए, ताकि उनके आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। बैठक में प्रत्येक थाने पर तैनात फैंटम दस्तों को नए स्वरूप में अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर उनकी नियमित तैनाती सुनिश्चित करने के साथ पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने थाना समाधान दिवस और तहसील समाधान दिवस को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भूमि विवाद, सीमांकन और कब्जे से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण करे। उन्होंने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मुकदमे में ई-साक्ष्य समय पर एकत्र किए जाएं और विवेचनाएं 60 एवं 90 दिन की निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं। हत्या, दुष्कर्म और अन्य जघन्य अपराधों की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाने, प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या दूर करने तथा डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए कांवड़ मार्गों का नियमित निरीक्षण तथा संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन से निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल कुमार यादव सहित सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जनपद के सभी थाना प्रभारी गूगल मीट के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।